बुनकर राममूर्ती से नाटेड कालीनों की बुनाई की कला सीखती आस्ट्रेलिया की ताला अंसारी
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भदोही। इंडिया कारपेट एक्सपो समापन की ओर बढ़ रहा है। पहले तीन दिन में जिस प्रकार से आयातकों की आमद हुई, उससे लोगों को भदोही कालीन उद्योग के विकास की उम्मीद जगी है। लोगों को पूरा भरोसा है कि यह एक्सपो मार्ट दुनिया भर से कालीन खरीदारों को भदोही तक खींच लाने में कामयाब होगा। बड़ी संख्या में न केवल आयातकों ने बल्कि बहुत से खरीदार जो नहीं आ सके, उन्होंने अपने प्रतिनिधि भेजे। एक्सपो में सस्ते कालीनों का बोलबाला रहा। जिले के रोटहां के शम्स आलम अंसारी नई दिल्ली, वाराणसी, चाईना, जर्मनी आदि में अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में हिस्सा ले चुके हैं। भदोही एक्सपो की उन्हें सराहना करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में यह नई ऊंचाईयों को छूएगा। कहा कि इस एक्सपो की जिन लोगों ने उपेक्षा की, कल वही लोग पहले स्टाल बुक कराएंगे। यह भदोहीवासियों के बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि बायरों की सस्ते कालीनों की डिमांड को देखते हुए पेट यार्न के कालीनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्लास्टिक बोतलों को रिसाइकिल कर पेट यार्न बनाया जाता है। इसके कालीन खूबसूरत होने के साथ-साथ अलग आकर्षण लिए होते हैं। ये दरी की तरह होते हैं तथा इन्हें दोनों ओर से बिछाया या दीवारों पर टांगा जा सकता है। फैय्याज अंसारी ने कहा कि एक्सपो की छोटी-मोटी कमियों को हमें नजरअंदाज करना होगा। सीईपीसी ने एक बड़ा कदम उठाया जो सफल रहा। कहा कि भविष्य में सीईपीसी सुझावों पर गौर होते हुए इससे बेहतर आयोजन करेगा।