औराई में स्थापित कड़े माता का मंदिर
वासंतिक नवरात्र के तीसरे दिन रविवार को आदिशक्ति के चौथे स्वरूप कुष्मांडा की पूजा अर्चना मंदिरो में हुई। सुबह-शाम मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नवरात्र में एक दिन का क्षय होने के कारण एक ही दिन देवी के दो स्वरूपों की आराधना की गई थी। भजन और हवन से जनपद भक्ति में डूब गया है।
या देवि सर्वभूतेषु सृष्टिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: के वैदिक उद्घोष के बीच नवरात्र का तीसरा दिन भी देवीमय रहा। सुबह से ही देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। ज्ञानपुर से सटे घोपइला मंदिर, जोरईं स्थित दुर्गा मंदिर, सीतामढ़ी स्थित सीता मंदिर पर लोग दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। दिन में भीषण गर्मी होने से सुबह-शाम मंदिरों पर अधिक भीड़ पहुंच रही है। मंदिरों की आकर्षक सजावट संग देवी गीत सुनकर लोग निहाल हो रहे हैं। घर-घर की गई कलश स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ और आरती-पूजन भी चल रहा है।