इस दौरान अध्यक्ष, महामंत्री समेत विभिन्न पदों के 19 प्रत्याशियों ने छात्रों के समक्ष अपने विचार रखे। भाषण में प्रत्याशियों ने महाविद्यालय की गरिमा बढ़ाने का वादा करते हुए समर्थन मांगा।
जबकि पांच प्रत्याशियों ने अपना पक्ष नहीं रखा। भाषण सुनने के लिए कालेज परिसर में सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पिछले तीन साल की अपेक्षा इस साल अधिक प्रत्याशियों ने विचार रखे।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शिवशंकर यादव के अलावा अमन शुक्ला, राहुल यादव, विनय कुमार ने अपना पक्ष रखा। कहा कि कॉलेज के लिए कहने की नहीं, कुछ करने की जरूरत है। महामंत्री पद के प्रत्याशी अनुज पांडेय, प्रकाश यादव, शिवम त्रिपाठी ने विचार व्यक्त किए।
उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी अभिषेक गुप्ता, मनीष यादव और विकास दुबे ने कालेज का गौरव बढ़ाने के लिए समर्थन मांगा। पुस्तकालय मंत्री प्रत्याशी बृजेश यादव, दीपक कुमार ने पुस्तकालय की दुर्दशा पर चिंता जताई।
इसी तरह कला संकाय प्रतिनिधि पद के त्रिभुवननाथ, विकास तिवारी, वाणिज्य संकाय में आफताब आलम, पवन कुमार, शुभम शुक्ला, विज्ञान संकाय में गौरव मिश्र, मोहित मिश्र ने भी विचार व्यक्त किया।
आफताब आलम ने जहां कालेज की गरिमा बढ़ाने के लिए सिर्फ सोचने तक सीमिन रहने, बल्कि मिल जुलकर प्रयास करने पर बल दिया तो मोहित मिश्र ने कहा उड़ान पंख से नहीं हौसले से होती है।
महामंत्री के आशीष तिवारी, विशाल यादव, उपाध्यक्ष के उजैर अंसारी, कला के मनीष कुमार, वाणिज्य के प्रत्याशी रोहित अभिदक्षता भाषण में मौजूद नहीं थे।