जिले में सी आर्म मशीन होने के बाद भी मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों या अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता है। सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल के गोदाम में पांच साल से मशीन धूल फांक रही है। वहीं दूसरी ओर जिला चिकित्सालय की ओर से नई सी आर्म मशीन की मांग शासन से की गई है।
जिला अस्पताल में तीन, सौ शय्या अस्पताल में एक आर्थो के डाॅक्टर की नियुक्ति है, लेकिन संसाधन न होने के कारण व्यवस्थाएं ओपीडी तक सीमित हैं। दोनों अस्पताल में हड्डी से संबंधित ऑपरेशन की कोई सुविधा नहीं हैं। यहां ओपीडी और प्लास्टर तक की ही व्यवस्था है। उच्चाधिकारियों के अनुमोदन पर सौ शय्या अस्पताल के सी आर्म मशीन को जिला चिकित्सालय में इंस्टालमेंट करा दिया जाए तो इसका लाभ मरीजों को मिल सकता है। हड्डी से संबंधित ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे।
जिला चिकित्सालय में रोजाना 700 से 800 लोगों की ओपीडी होती है। इसमें 50 से 60 मरीज आर्थो के आते हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को प्लास्टर बांधे जाते हैं। कुछ मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो चिकित्सक की सलाह पर निजी अस्पताल जाते हैं। जहां छोटा सा आर्थो का ऑपरेशन कराने पर करीब 20 हजार रुपये खर्च होते हैं।