कालीन नगरी भदोही की तीन सीटों पर इस बार चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। विधानसभा चुनाव में भदोही सीट से सपा के पूर्व विधायक जाहिद बेग को जीत मिली तो वहीं ज्ञानपुर से भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी विपुल दूबे को जीत मिली। औराई से भाजपा के दीनानाथ भाष्कर अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।
वहीं जिले के कई दिग्गज चुनाव हार गए। हारने वालों में प्रमुख रूप से चार बार के विधायक विजय मिश्र, पूर्व मंत्री राम किशोर बिंद, कमला शंकर भारती, पूर्व विधायक अर्चना सरोज के परिवार की अंजनी सरोज, भदोही से 2017 में विधायक बने भाजपा के रवींद्र नाथ त्रिपाठी शामिल हैं। सबसे खराब हार तो कांग्रेस की हुई है।
यहां की दो सीटों पर तो एक फीसदी से भी कम वोट मिले हैं। जीत-हार के बाद अब कारणों पर मंथन शुरू हो गया है। राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि इस बार जिले की ज्ञानपुर सीट पर जहां निषाद पार्टी के प्रत्याशी की मेहनत को महत्व मिला है, वहीं बदलाव की लहर काम आई है। कुछ हद तक मोदी-योगी फैक्टर ने भी काम किया है।
यहां 20 साल से एक ही विधायक थे। जनता ने उन्हें नकार दिया और इस बार बदलाव करके दिखा दिया। इसी तरह औराई में बहुजन समाज पार्टी के वोटों में बिखराव ने भाजपा को जीत दिलाई। इसमें मोदी-योगी फैक्टर ने काफी हद तक काम किया है। वहीं भदोही में कोई फैक्टर नहीं काम कर पाया। जनता ने स्थानीय विधायक के कार्यों को तवज्जो दिया। इसी वजह से 2012 के चुनाव में जीतकर विधायक रहे सपा के जाहिद बेग को इस बार विजय श्री दिलाई है।