80 फीसदी एटीएम कैशलेस, जनता हुई हेल्पलेस
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नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत से जूझ रहे लोगों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। चौरी, बाबूसराय, जंगीगंज आदि स्थानों पर बैंकों पर हुए हंगामे की चर्चा अभी लोगों की जुबान से उतरी भी न थी कि शुक्रवार को चौरी में रुपयों के लिए बैंक की लाइन में लगे लोगों ने फिर हंगामा कर दिया। लंबे समय तक लाइन में लगने के बाद बैंक का सर्वर फेल होने की सूचना पर लोग भड़के थे।
नकदी की कमी के चलते रुपयों के लिए मारामारी मची है। कोई पखवारेभर से तो कोई सप्ताहभर से रोज लाइन में लग रहा है, लेकिन रुपये नहीं मिल पा रहे हैं तो कुछ लोग थोड़े से प्रयास में ही रुपये मिल जा रहे हैं। चौरी बाजार स्थित यूनियन बैंक में शुक्रवार को भोर से ही लाइन में खड़े लोगों का धैर्य तब जवाब दे गया, जब कुछ लोगों को अंदर करने के बाद सर्वर डाउन का बोर्ड लगा दिया गया। इसके बाद लोग नारेबाजी करने लगे।
ग्राहकों का गुस्सा देख पुलिस के जवान भी वहां से खिसक लिये। ग्राहक जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। उनका कहना था कि कुछ खास लोगों पर ही मेहरबानी दिखाई जा रही है। रबेली गांव निवासी रिटायर्ड प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि पेंशन के लिए एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं। मगर सिर्फ लाइन में ही रह जा रहे हैं। यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है। कहा कि तमाम लोग भोर से ही लाइन में लगे हैं और बैंक कर्मचारी और सिपाही कुछ लोगों को सीधे बैंक अंदर भेज रहे हैं। पल्हैया गांव निवासी निसार मंसूरी ने भी कुछ ऐसी ही पीड़ा व्यक्त की। रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं।
घर में राशन भी कम हो गया है। चकभुइधर गांव निवासी बृजराज दुबे ने कहा कि बैंक के लिए सभी ग्राहक बराबर होते हैं, लेकिन यहां तो चहेतों को ज्यादा और जल्दी रुपये दिया जा रहा है, जबकि लाइन में लगे लोग सिर्फ लाइन में ही रह जा रहे हैं। गुरुवार को जंगीगंज स्थित यूनियन बैंक की शाखा पर भी उपभोक्ताओं ने हंगामा किया था। एलडीएम अमिताभ सेन ने कहा कि सारी समस्या बैंकों को नकदी कम मिलने केे कारण आ रही है। तमाम लोग पास में पैसा मौजूद होने के बाद भी लाइन में लग जा रहे हैं।