2011 बैच के बीटीसी प्रमाण पत्र धारकों के विरोध के चलते दोनों बैच के आमने - सामने हो जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन को संगीनों के साए में प्रायोगिक परीक्षा कराने के लिए निर्णय लेना पड़ा।
मालूम हो कि बीटीसी प्रशिक्षण ले रहे 2012 बैच के प्रशिक्षुओं ने फरवरी तक शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए प्रायोगिक परीक्षा कराने की मांग की थी। लेकिन इस निर्णय में देरी होते देख वे अनशन पर बैठ गए थे। किसी तरह प्रशासन ने उन्हें प्रायोगिक परीक्षा कराने का आश्वासन देकर अनशन न करने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद 27 जनवरी से डॉयट प्रशासन को प्रायोगात्मक परीक्षा कराने के लिए निर्देश दिया। निर्देश के मद्देनजर डॉयट प्रशासन ने मंगलवार को प्रायोगिक परीक्षा शुरू कराई थी, लेकिन पहले दिन 2011 बैच के प्रमाणपत्र धारकों ने परीक्षा का विरोध करना शुरू कर दिया। दो बैच के छात्रों के आमने-सामने होने से परीक्षा में गतिरोध पैदा होने की आशंका पैदा हो गई थी। छात्रों के बीच विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रायोगिक परीक्षा कराने का निर्णय लिया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रायोगिक परीक्षा कराई गई। परीक्षा के लिए केंद्र पर काफी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की थी। इसके साथ ही पखवारे भर से चल रहे बीटीसी प्रशिक्षुओं और धारकों का मामला शांत हो गया। प्रायोगिक परीक्षा संपन्न हो जाने पर प्रशिक्षुओं समेत डॉयट प्रशासन ने भी बुधवार को राहत की सांस ली।