कोइरौना थानाक्षेत्र के हरिरामपुर गंगा घाट पर बृहस्पतिवार को नहाते समय सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई, जबकि साथ में डूब रहे पांच अन्य बच्चों को गांव की एक युवती ने बचा लिया। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने शवों का पंचायतनामा कराकर परिवारीजनों को सौंप दिया।
हरिरामपुर गांव निवासी कामता प्रसाद के दो बेटे अनिल (11) और सुनील (8) बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे के आसपास नहाने के लिए गंगा घाट पर गए थे। उनके साथ नेहा (6) भी थी। साथ में चार अन्य बच्चे करिश्मा (7), बिटनी (5), ओम प्रकाश (9) और रंजीत (8) भी नहा रहे थे। बच्चे नहाते समय खेलते-खेलते गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी गहरे पानी में डूबने लगे। उस वक्त घाट पर कोई नहीं था। इत्तेफाक से उसी समय गांव के मोकादम उपाध्याय की पुत्री राधा (19) घाट पर देवदूत बनकर पहुंच गई और बच्चों को डूबते देखकर धड़ाम से गंगा में कूद गई। राधा ने एक-एक करके नेहा, करिश्मा, बिटनी, ओमप्रकाश और रंजीत को तो निकाल लिया, लेकिन अनिल और सुनील को नहीं बचा सकी। दोनों गहरे पानी में डूब गए। इसके बाद गांव में कोहराम मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बालकों के शवों का पंचायतनामा भरवाकर घरवालों को सौंप दिया। घटना को लेकर राधा की बहादुरी के चर्चे पूरे गांव में होते रहे। एसओ कोइरौना हरिवंश सिंह यादव ने कहा कि शवोें का पंचायतनामा कर परिवार वालों को दे दिया गया।