ज्ञानपुर। जिले के 60 वित्तविहीन विद्यालय बोर्ड परीक्षा में केंद्र नहीं बन सकेंगे। डीएम की गठित टीम के सत्यापन में ये विद्यालय बोर्ड के तय मानक को पूर्ण करने में फेल हो गए हैं। किसी में चहारदीवारी नहीं है तो किसी में पर्याप्त संख्या में कक्ष, शौचालय और फर्नीचर का अभाव है। सोमवार को 110 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट परिषद की वेबसाइट पर विभागीय स्तर से अपलोड कर दिया गया। 30 नवंबर तक परिषद आनलाइन केंद्रो का निर्धारण करेगा। जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज सहित 38 राजकीय विद्यालय, 25 वित्तपोषित समेत कुल 193 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 55 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा की तिथि तय हो चुकी है। 10 नवंबर तक स्कूलों ने केंद्र बनने के लिए आनलाइन आवेदन किया। स्कूलों के भौतिक सत्यापन के लिए तीनों तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में डीएम ने टीम गठित किया। 23 नवंबर तक टीम ने करीब 193 विद्यालयों का सत्यापन किया। इसमें 33 राजकीय स्कूल पहले ही बाहर हो चुके थे। अब 60 वित्तविहीन विद्यालय भी परिषद के मानक में फेल हो गए हैं। इसमें सबसे अधिक भदोही तहसील क्षेत्र के विद्यालय शामिल हैं। भदोही में कुल 72 विद्यालयों में 39 में जरूरी सुविधाओं का अभाव रहा। इसी तरह ज्ञानपुर तहसील में 80 में 15 और औराई में 45 में सात विद्यालय मानक पूर्ण नहीं करते मिले। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि 33 राजकीय के साथ ही 60 निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं नहीं है, जिससे इनको केंद्र बनना मुश्किल है। परिषद का मानक पूर्ण करने वाले कुल 100 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट को वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। 30 नवंबर तक परिषद की तरफ से आनलाइन केंद्र का निर्धारण कर दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के लिए कक्ष संख्या, परीक्षा कक्ष, बाउंड्री वॉल, पेपर स्ट्रांग रूम, गेट, दुरुस्त खिड़की, डबल लॉकर वाली आलमारी, एक्टिवेशन, डीवीआर, सीसीटीवी, रिकॉर्डर, राउटर, मॉनिटर, हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होनी चाहिए। जहां-जहां यह सुविधाएं नहीं है वह केंद्र नहीं बनेंगे।