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बोर्ड परीक्षाः केंद्र निर्धारण में पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद के विद्यालयों का भी पत्ता कटा

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ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में कई ऐसे विद्यालयों का पत्ता कट गया है, जिनके प्रबंधक दिग्गज रहे हैं। मानक पूरे नहीं करने के कारण एक पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद के विद्यालयों समेत 19 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची से शामिल नहीं किया गया है। इससे जिले के शिक्षा जगत में हलचल मची है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से नवंबर से ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू की गई थी, लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से दो बार केंद्र निर्धारण को लेकर नीति में बदलाव किया गया। गत मंगलवार को परिषद की ओर से कुल 92 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए हरी झंडी दी गई। इस बार प्रस्तावित विद्यालयों में से 19 को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। इसमें एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व सांसद के विद्यालय भी शामिल हैं, जबकि 12 नए माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों को शामिल किया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से केंद्र तय होने के बाद स्कूल प्रबंधकों की चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर डीआईओएस कार्यालय में आपत्तियां भी दर्ज कराई गईं, जिनमें कहा गया है कि 2020 में केंद्र बने विद्यालयों को क्यों केंद्र नहीं बनाया गया। इससे वहां की छात्राओं को परीक्षा देने में दिक्कत हो सकती है।
कोरोना असर के बीच 2020 की तुलना में इस बार 16 परीक्षा केंद्र अधिक बनाए गए हैं, जबकि परीक्षार्थियों की संख्या घटी है। 10वीं और 12वीं में पिछले वर्ष पंजीकृत कुल 54455 परीक्षार्थियों के मुकाबले इस बार 1180 परीक्षार्थी कम हुए हैं। कुल 53275 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक चौरसिया ने बताया कि परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सत्यापन के बाद 92 विद्यालयों को केंद्र बनाया है। सभी केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का आवंटन भी कर दिया गया है।
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75 स्कूलों ने दर्ज कराई आपत्ति
ज्ञानपुर। बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की आपत्ति लेने का शनिवार को अंतिम दिन था। केंद्र न बनने, स्कूल से केंद्र की दूरी समेत अन्य समस्याओं को लेकर प्रबंधकों की ओर से डीआईओएस कार्यालय में 75 आपत्तियां आई हैं। जिनका विभाग की ओर से निस्तारण कराया जाएगा।
50 फीसदी विद्यालय बन गए परीक्षा केंद्र
ज्ञानपुर। जिले में 35 राजकीय, 25 वित्तपोषित और 122 वित्तविहीन सहित कुल 182 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज हैं। इनमें आधे परीक्षा केंद्र बन गए हैं। 2021 में बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद की ओर से 92 स्कूलों को केंद्र बनाया गया है, हालांकि कई केंद्रों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। उनके खिलाफ आपत्तियां भी आई हैं।
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