ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में विद्यार्थियों की शैक्षणिक मेधा और ऑनलाइन उपस्थिति महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2025 तक स्कूल भवन, कमरों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं को आधार माना जाता था। परिषद ने इन मानकों के साथ कुछ नए बिंदु भी जोड़ दिया है। इसमें ऑनलाइन हाजिरी को भी शामिल कर लिया गया है। डीआईओएस कार्यालय ने विद्यालयों में भौतिक संसाधनों और सुविधाओं का सत्यापन कर रिपोर्ट परिषद को भेज दी है। अब 22 अक्तूबर तक केंद्र निर्धारण की सूची जारी हो सकती है।
जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज, 38 राजकीय हाईस्कूल और 25 वित्तपोषित समेत 194 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। परीक्षा की तिथि अभी तय नहीं है, लेकिन केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। इसके लिए जिला केंद्र निर्धारण समिति ने विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया था।
परिषद के नए निर्देशों के मुताबिक विद्यालयों की रैंकिंग और रेटिंग तय करने में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज दैनिक उपस्थिति अहम आधार होगी। जिन स्कूलों में लगातार 180 दिनों तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई होगी, उन्हें परीक्षा केंद्रों की सूची में प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन और परीक्षा में मिले अंकों को भी स्कूल की रेटिंग में शामिल किया जाएगा।
डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि सभी विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट परिषद को भेज दी गई है। 22 अक्तूबर तक केंद्रों की सूची जारी हो सकती है। इसके बाद विद्यालयों से आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण कर सूची 27 से 28 अक्टूबर तक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।