जिला समन्वय निगरानी समिति की बैठक में निर्देश देते सांसद रमेश चंद्र बिंद। संवाद
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ज्ञानपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक सांसद रमेशचंद्र बिंद की अध्यक्षता में हुई। इसमें सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और पीएम आवास का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान अफसरों के सही जवाब न देने पर सांसद ने नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को काली सूची में डालने का निर्देश दिया।
बैठक में सांसद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार विकास कराने पर जोर दे रही है। अधिकारियों से अपेक्षा किया कि वे अपने दायित्वों के प्रति गंभीर हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनो ही परिवार के अंग है। अधिकारी मीटिंग का एजेंडा जनप्रतिनिधियों को कम से कम एक सप्ताह पूर्व मुहैया करा दे, जिससे वे भली भांति अध्ययन कर सकें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण ज्योति योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मिल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, बीपीएल परिवारों के लिए एलपीजी कनेक्शन आदि योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान डीएसओ सीमा सिंह प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सूची उपलब्ध नहीं करा सकी, जिसको लेकर नाराजगी जताई।
जिला पंचायत की ओर से बिना निर्माण के सड़कों का भुगतान करने पर कार्यदायी संस्था को काली सूची में डालने का निर्देश दिया, साथ ही अपर मुख्य अधिकारी को फटकार भी लगाई। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण से कहा कि खराब सड़कों की मरम्मत कराएं। इस मौके पर भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर, सीडीओ भानु प्रताप सिंह, एसपी रामबदन सिंह, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, समिति के सदस्य शरद चंद्र मंडल सोनकर आदि थे।