भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के राज्य नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को जिला कमेटी ने तहसील प्रांगण में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां हुई सभा में भाकपा माले के जिला सचिव रामजीत यादव ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद देश भर में गुंडागर्दी चरम सीमा लांघ गई है। सभा में ऊना में दलितों की पिटाई को गो गुंडागर्दी बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई।उन्होंने कहा कि आज देश भर में केवल दलितों के उत्पीड़न की ही चर्चा हो रही है। जो लोग सत्ता में हैं उनके पास इसका कोई जवाब नहीं रह गया है। इस तरह की लगातार हो रही घटनाओं पर प्रधानमंत्री की चुप्पी से विदेशों में भारत की साख घटी है। उन्होंने दलित उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर गुजरात मुख्यमंत्री को गद्दी छोड़ने को सही ठहराया और कहा कि इससे दलितों की ताकत का अंदाजा होता है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार में दलितों के मान मर्यादा का तनिक भी ध्यान है तो गोरक्षा समितियों पर प्रतिबंध लगाकर गुजरात में फौरन चुनाव का एलान करना चाहिए। इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य कमेटी के सदस्य, दिनेश गौड़ने कहा कि कश्मीर में चल रहे राज्य दमन से भारी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई है। सभा में उन्होंने इसकी निंदा की और हम इसका सख्त विरोध करते हैं। संचालन दिनेश पाल ने किया। बनारसी सोनकर, धर्मराज गौतम, राजनाथ गौतम, गिरधारी, मीरा यादव, उमा यादव, विनोद उपाध्याय, कबूतरा, लाली, नंदलाल गौड़, बृजमोहन, रमाशंकर गौड़, घूरेलाल,