बेमौसम बारिश से तबाह किसानों को मुआवजा, अघोषित बिजली कटौती रोकने और सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की।
इस दौरान राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञानपुर तहसील में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय ने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों की फसल तबाह हो चुकी है।
प्रदेश सरकार मुआवजे के नाम पर सिर्फ लीपापोती करने में लगी है। बची हुई फसल को किसान अब काटने की तैयारी कर रहा है लेकिन सर्वे पूर्ण नहीं हो सका।
इससे आने वाले समय में सरकारी विभाग के अफसर मुआवजे की धन में बंदरबाट कर लेंगे। अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण के चलते जिले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमा लादा जा रहा है।
पूर्व विधायक पूर्णमासी पंकज ने कहा कि सपा सरकार में किसान, व्यापारी, युवा सभी बेहाल हैं। सरकार कुछ करने के बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
अंत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। धरने में ओम प्रकाश तिवारी, श्रीनिवास चतर्वुेदी, छत्रपति सिंह, अशोक चौरसिया, महादेव प्रजापति विजय साहू, सूरज सिंह, दिनेश कुमार यादव, सचिन राय, रविशचंद्र पांडेय, विधान चंद्र दूबे, विजय मौर्य, नागेश, वीरेंद्र, अशोक, शेषधर, लालमणि, विजयपति सहित कई लोग मौजूद रहे।
घोसिया संवाददाता के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी विधानसभा औराई की ओर से औराई तहसील पर बुधवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया गया। विधानसभा प्रभारी ताराशंकर दूबे ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते जनता बेहाल हो चुकी है।
उन्होंने चीनी मिल को चालू कराने, जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने, पुलिस भर्ती में घोटाले की सीबीआई से जांच, बंद पड़े नलकूप को चालू कराने, पशु तस्करी पर लगाम लगाने की मांग की। अंत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम औराई राजेंद्र प्रसाद को ज्ञापन सौंपा।
धरने में नागेंद्र सिंह, डा. रमाकांत, डा. सूर्य प्रसाद, तरूण मिश्रा, मायाशंकर पासी, संदीप मौर्य, दिलीप कन्नौजिया, शिवमंगल सिंह, चंद्रबली सिंह, संतोष त्रिपाठी आदि रहे।