इस दौरान सभा में वक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार जनता को झूठे सब्जबाग दिखा रही है।
रात भर कटौती से जनजीवन बेहाल है, लेकिन पार्टी खुद अपनी पीठ थपथपा रही है। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। शाम को एक्सईएन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व व्यवस्था सुधार के लिए भाजपा विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी थी।
चेतावनी स्वरूप 48 घंटे की समय सीमा बीत जाने के बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं होने पर बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे दो दर्जन से अधिक भाजपा कार्यकर्ता उपकेंद्र पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सपा सरकार पर जनभावनाओं की कद्र न करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ नेता डा. आरके पटेल ने कहा की न दिन में चैन है ना रात को सुकून।
अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। मनमानी पर उतारू हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। कहा कि 24 घंटे में मुश्किल से छह घंटे बिजली देकर सपा सरकार वाहवाही लूट रही है।
उधर जनता रात रात पर जागकर बिताने को मजबूर है।
विनीत बरनवाल ने कहा कि उमस भरी गर्मी में बिजली बगैर लोग बैचैन हैं। यह सरकार त्योहारों पर बिजली ठीक देने की बात करती है, लेकिन त्योहारों पर भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रात्रिकालीन कटौती की बात सोच कर ही लोगों की नींद उड़ जाती है। लोग ठीक से भोजन तक नहीं कर पा रहे हैं। कभी रात एक बजे तो कभी दो बजे बिजली आती है।
यही है, तीनों विधानसभा सीटें जीतने वाली सरकार का वादा। धरने में रवींद्र मौर्य, धर्मराज गुप्ता, सुभाष मौर्य, राकेश दूबे, ब्रम्ह जायसवाल, रवींद्र दूबे, शिवशंकर सिंह, अखंड प्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह, रवि जयसवाल, अंकित बरनवाल, पवन कुमार, राज यादव, मो. अहसान, शोएब अख्तर, सुनील सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।