ज्ञानपुर। वैसे तो भदोही जिले में अब तक बर्ड फ्लू का असर देखने को नहीं मिला है। ना ही संक्रमण का कोई केस सामने आया है, लेकिन एहतियाती कदम उठाए जाने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास महामारी से बचाव के लिए 200 टैमीफ्लू टैबलेट पहुंच गई है। दूसरी ओर बर्ड फ्लू को लेकर जिले में सतर्कता भी बरती जा रही है। उधर पशु चिकित्सालयों तक अभी दवा नहीं पहुंच सकी है। सीएमओ कार्यालय के मुताबिक टैबलेट को सुरक्षित रख दिया गया है। जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल की जाएगी।
कुक्कुट और पक्षियों को प्रभावित करने वाले लाइलाज बीमारी बर्ड फ्लू पर प्रभावी रोकथाम लगाने के लिए एक सप्ताह पूर्व से हाथ-पांव मारा जा रहा है। अभी तक पशु अस्पतालों पर टैमीफ्लू टैबलेट का अभाव ही बना है। सतर्कता टीम में शामिल 35 विशेषज्ञ निजी और सरकारी अनुदान पर संचालित होने वाले पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण खाली हाथ किया जा रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले को प्रभावित करने वाली बीमारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन छह सतर्कता टीम का गठन कर हाई अलर्ट भी घोषित करते हुए सीमाओं पर विशेष निगरानी इस लिए रखी जा रही है कि बाहर से आने वाला उत्पाद जिले में प्रभाव दिखा सकता है। अफवाहों का बाजार गर्म होने पर पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन ब्लॉकवार गांवों में चल रहे निजी पोल्ट्री फार्म पर विशेष नजर लगाकर निरीक्षण करने में पीछे नहीं है।
संचालकों को विशेष रूप से साफ-सफाई, चूने का छिड़काव, बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश रोकने की हिदायत दी जा रही है। छोटी-बड़ी बाजारों में स्टाक जमा करने वाले व्यापारियों के गोदाम तक खंगाल कर जल्द से जल्द बाहरी उत्पादों के निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन थोक दुकानदार या तो अंडे और कुक्कुट को महंगे दर पर दुकानों को उपलब्ध करा रहे हैं। दुकानों पर धीरे-धीरे ग्राहकों की आवक कम होने, लागत मूल्य निकालने की चिंता सताती है। शाम ढलने पर अंडे, कुक्कुट के शौकीनों की भीड़ लगने लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों पर कुछ हद तक साफ-सफाई मिलती है, लेकिन नगरीय क्षेत्रों में न बर्ड फ्लू का खौफ है न विभाग और शासन के गाइड लाइन का।
सीवीओ डॉ. जेडी सिंह ने बताया कि बुधवार को डीघ के दरवांसी, अभोली के मिश्राइनपुर आदि गांवों में फार्म का निरीक्षण कर संचालकों को पलने वाले कुक्कुट को छूने के बाद एंटीसैफ्टिक लोशन से हाथों को धोने, मृत पक्षी को न छूने, बीमारी वाले क्षेत्रों से दूरी बनाने, खुले वाहनों से ढुलाई न करने की हिदायत दी गई।