ज्ञानपुर। फीस और स्टेशनरी के नाम पर कान्वेंट स्कूलों की मनमानी वसूली के विरोध में बुधवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने दुर्गागंज त्रिमुहानी के समीप प्रदर्शन कर कान्वेंट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि प्रकाशकों से सांठ-गांठ कर स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को चूना लगा रहे हैं।बुधवार को दोपहर 12 बजे के आसपास स्कूल बैग और कापी-किताब के साथ लामबंद हुए तकरीबन दो दर्जन से अधिक अभिभावकों ने ज्ञानपुर नगर में नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों का एडमिशन, फीस और स्टेशनरी के नाम पर शुल्क वसूली का कोई नियम नहीं है। प्रकाशकों से सांठ-गांठ कर किताब और कापियों के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली की जा रही है। एनसीईआरटी की किताबें न चलवाकर विद्यालय में निजी प्रकाशकों की किताबें लेने के लिए बाध्य किया जाता है। किताब-कापियों पर या तो रेट लिखा नहीं रहता। अगर लिखा भी रहता है तो प्रिंट रेट से इतर औना-पौना दाम लिया जाता है। आलम यह है कि प्राइमरी की कक्षाओं में एडमिशन के नाम पर 15 हजार रुपये लग जा रहे हैं। कोको दुबे की अगुवाई में सड़क पर उतरने नागरिकों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अगर शिक्षा व्यवस्था ठीक रहती तो अभिभावकों को निजी स्कूलों का शोषण नहीं झेलना पड़ता। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्कूल प्रबंधनों ने जो पैसा अभिभावकों से एडमिशन और स्टेशनरी के नाम पर लिया है, उसमें से 50 फीसदी वापस करें। साथ ही यूनिफॉर्म, टाई, स्कूल वाहन की सुविधा फ्री होनी चाहिए। अगर ऐसा न हुुुआ तो मुख्यमंत्री आवास या विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर स्वामी, विनय श्रीवास्तव, ताहिर, अशोक, राजू मालवीय, अविनाश, संदीप, अनिल, पप्पू, संतोष, महेश, विशाल, मिथलेश आदि मौजूद रहे।