ज्ञानपुर। लगभग डेढ़ माह बीतने के बाद भी बीएचयू आईटी की टीम नगर पंचायत खमरिया के सीमावर्ती गांव जगापट्टी नहीं पहुंच सकी है। टीम के न पहुंचने से लगभग छह करोड़ की लागत से होने वाली नाली निर्माण की कार्य योजना अटकी हुई है। इसके किसानों के खेतीबारी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को लेकर फरवरी में ही किसान संगठनों नगर पंचायत खमरिया के कालीन प्रतिष्ठानों से निकलने वाला गंदा पानी पड़ोसी जिले मिर्जापुर जिले के जगापट्टी गांव के सैकड़ों किसानों के खेतों में पहुंचता है। इससे हर साल किसानों की फसल बर्बाद जो जाती है। किसानों की शिकायत के बाद इस समस्या के समाधान के लिए छह करोड़ से पक्के नाले के निर्माण की कार्ययोजना स्वीकृत है। इस मामले में मंडलायुक्त ने मिर्जापुर और भदोही में कार्यरत जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम से निरीक्षण रिपोर्ट मांगी। डेढ़ माह पहले संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट सदर तहसील प्रशासन को सौंपा और गंदे पानी की जांच बीएचयू प्रशासन से कराने की मांग रखी। रिपोर्ट सौंपे जाने के डेढ़ महीने बाद भी बीएचयू टी नहीं पहुंच सकी है। अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत खमरिया जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि नगर प्रशासन की ओर से हर तरह की तैयारी है। दो-तीन दिन में बीएचयू की आईटी टीम भी सीमावर्ती गांव जगापट्टी पहुंचेगी।