गंगाजल से भरे कलश को सिर पर रखकर महिलाओं और युवतियों ने सुभाषनगर बाजार, बरईपुर, विश्वनाथपुर आदि इलाकों का भ्रमण किया। कलश यात्रा कथास्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। कलश यात्रा में प्रधान सुशीला देवी, ज्योति तिवारी, शीला देवी, राधा देवी, आरती देवी, मनोज, शैलेंद्र, राम सेवक, मातासेवक आदि शामिल रहे।