ज्ञानपुर। आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ और जनसुनवाई के निस्तारण मामले में जिले की पुलिस कागजों में फिलहाल बेहतर होने का दावा कर रही है। रिकॉर्ड बताते हैं कि अक्तूबर में आए 103 मामलों में से 84 का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि 19 लंबित हैं। लंबित प्रकरणों 10 से 15 दिन में उनका निस्तारण न होने पर डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाएंगे। विभाग का कहना है कि तय तिथि पर संबंधित प्रकरण निस्तारित हो जाएंगे।
समाधान दिवस, संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर शासन ने आईजीआरएस पोर्टल शुरू किया था। पोर्टल पर आईजीआरएस, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भित समेत अन्य पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर सीधे शासन स्तर से नजर रखी जाती है। सूबे के मुख्यमंत्री समय-समय पर इस पोर्टल की समीक्षा करते हैं। दफ्तरों में अधिकारी समय से आफिस में बैठ नहीं रहे हैं। इससे शिकायतों के निस्तारण में कर्मचारी भी रुचि नहीं लेते। डिफॉल्टर से बचने के लिए अधिसंख्य विभाग कागजों में ही शिकायतों का निस्तारण कर लेते हैं। पूर्व में कई प्रकरण ऐसे आ भी चुके हैं। पुलिस की जनसुनवाई में इस महीने पुलिस अधीक्षक के पटल पर कुल 103 मामले आए, जिनमें से 84 मामलों का निस्तारण किया गया है। 19 मामले लंबित पड़े हैं। इनका निस्तारण 10 दिसंबर तक कराने का निर्देश दिया गया है। अगर समय पर सभी मामलों का निस्तारण नहीं हो पाएगा तो जिले को डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने कहा कि जिले में शिकायतों का निस्तारण बेहतर ढंग से किया जा रहा है।