ऊंज/अभोली। बारिश थमने के चार दिन बाद भी ज्ञानपुर, सुरियावां, डीघ और अभोली ब्लॉक क्षेत्रों में जलजमाव से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जलजमाव और सीलन से रविवार को भी एक दर्जन से अधिक परिवारों का रिहायशी घर गिर जाने से अफरातफरी की स्थिति बनी रही। कीमती सामान मलबे में दबकर नष्ट होने से परिवार भोजन तक के लिए मोहताज हो गए हैं। उधर जिला प्रशासन की ओर से अब तक उक्त क्षेत्रों में किसी प्रकार के राहत कार्य शुरू न कराए जाने से लोगों में नाराजगी दिखी। ज्ञानपुर के सरावां गांव में जलजमाव हो जाने से दर्जनों परिवार बेघर होकर अन्यत्र शरण लेने को मजबूर हैं। एक दर्जन से के घर गिर जाने से वह जिला प्रशासन की राह तक रहे हैं। डीघ क्षेत्र के विश्वनाथपुर सहित पड़ोसी गांवों में बरसात का पानी कहर बरपाता रहा। रिहायशी घरों को अपनी आगोश में लेकर परिवारों को दूसरे ठिकाने की तलाश करने को मजबूर होना पड़ा। लगभग सात सौ बीघे तलीय क्षेत्रों में धान की फसल के साथ बोई गई दलहनी और तिलहनी, सब्जी आदि की फसलें बर्बाद होकर उतराई रहीं। विश्वनाथपुर, बरईपुर, मुंगरी, हरिहरपुर, सोबरी, बनौधा, पूरेभान, कुरमैचा, नवधन, बनकटखास गांव पूरी तरह से पानी से भरा है। कुरमैचा गांव निवासी मुन्नीलाल बिंद, कालीदास भूज, शारदा बिंद, रामचंदर गौतम, ऊंज निवासी अंबिका यादव, रण विजय यादव, बुदुल गौतम का कच्चा घर सीलन से गिरा गया। समाजसेवी कमल तिवारी ने जिला प्रशासन से मदद की उम्मीद जताते हुए बर्बादी हो चुकी फसलों की क्षतिपूर्ति की गुहार लगाई। इसी तरह रत्नेश तिवारी, धीरज तिवारी, लालजी तिवारी, महेश तिवारी, कन्हैया तिवारी, जगदीश पांडेय, अरविंद तिवारी, प्रभाकर तिवारी, प्रेम तिवारी, चंद्रभूषण, डॉ. बच्चन तिवारी आदि ने भी जिलाधिकारी से जलमग्न गांवों का निरीक्षण कराकर मुआवजे की मांग की। इसी तरह अन्य ग्रामीणों ने राहत कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी भी जताई गई। इसी तरह दरवांसी गांव निवासी जटाशंकर पासी पुत्र स्व. पन्नालाल पासी, मो. अनीस पुत्र स्व. मेंहदी हसन का भी कच्चा घर गिर जाने से पूरा परिवार परेशान रहा। इसी तरह अभोली के सागरपुर निवासी जयराजी देवी, जड़ावती देवी, राधिका देवी, जीरादेवी का रिहायशी कच्चा घर गिर जाने से हजारों रुपए का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। परिवारों ने जिला प्रशासन से मुआवजा की गुहार लगाई है।