सीतामढ़ी। जिले में भले ही बारिश नहीं हो रही है लेकिन गंगा में उफान जारी है 11 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तीव्र गति से बढ़ रहा गंगा का जल स्तर तेजी घाटों की ओर बढ़ता जा रहा है। गंगा की तेज धाराओं ने कोनिया के छेछुआ और भुर्रा के किसानों की नींद उड़ा दी है। महज 24 घंटे में ही जल स्तर में डेढ़ मीटर की भारी बढ़ोत्तरी हो गई है। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील कोनिया में गंगा घाटों पर बाढ़ के पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है। नदी की धारा में तेजी से बढ़ाव के चलते क्षेत्र के तमाम गंगा तटीय गांवों के गंगा घाट बाढ़ के पानी से लबालब होते जा रहे हैं।
जिले में बारिश के सीजन में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है लेकिन उत्तराखंड और हिमाचल में हो रही बारिश से टौंस नदी का पानी गंगा में आ रहा है। इससे गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जनपद में गंगा नदी का प्रवेश कोनिया क्षेत्र के अरई करबंधिया गांव से होता है। इसके बाद खेमापुर, डीघ, कूड़ी कला, कूड़ी खुर्द, शेरपुर, इटहरा, बहपूरा, मवैया थान सिंह, बसगोती मवैया, धनतुलसी, कलातुलसी, भभौरी, कलिक मवैया, भुर्रा, छेछुआ सहित कई गंगा तटीय गांवों के गंगा तट पर पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है। बाढ़ से कटान प्रभावित छेछुआ और भुर्रा के किसानों की चिंताएं बढ़नी शुरू हो गयी है। गंगा कटान का आंशिक प्रभाव इटहरा, कलातुलसी, बनकट, बारीपुर,कलिंजरा में भी होता है लेकिन अभी कही से किसी भी प्रकार की समस्या सामने नही आयी है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी गेज कार्यालय के अनुसार गंगा का जल स्तर 11 सेंटीमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से बढ़ रहा है। रविवार शाम तक जल स्तर 75 मीटर को पार कर गया, हालांकि अभी किसानों को इससे नुकसान नहीं होगा लेकिन इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो एक या दो दिनों में कटान भी शुरू हो जाएगी।