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भदोही लोकसभा: छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा को मिली है जीत

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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट से सटी भदोही लोकसभा सीट पर भी राजनीतिक दिग्गजों की नजर है। आजादी के बाद से अब तक हुए चुनाव में यहां सबसे अधिक छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त यहां से सर्वाधिक तीन बार, कांग्रेस के जान ए विल्सन, अजीज इमाम और सपा की फूलन देवी दो-दो बार सांसद चुनी गई। इस सीट पर ब्राह्मण और बिंद वोटर निर्णायक हैं, तो मुस्लिम संग पिछड़े मतदाता भी अहम भूमिका में रहते हैं। भदोही लोकसभा 2009 में हुए परिसीमन के पहले मिर्जापुर-भदोही संसदीय क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी। परिसीमन के बाद भदोही की तीन और प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों को मिलाकर भदोही संसदीय क्षेत्र बनाया गया। इसमें भदोही जिले की ज्ञानपुर, औराई और भदोही तथा प्रयागराज की प्रतापपुर और हंडिया विधानसभा सीट शामिल हैं। भदोही लोकसभा क्षेत्र कुल वोटरों की संख्या 2009146 है। इसमें भदोही की तीन विधानसभा से 1208610 और प्रयागराज की दो विधानसभा क्षेत्र के 800536 वोटर हैं। इसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 1129245 और महिला वोटरों की संख्या 879901 है। आजादी के बाद पहले चुनाव में 1952 से 57 तक कांग्रेस के जॉन एन विल्सन पहले सांसद चुने गए। अस्सी के दशक तक कांग्रेस का इस सीट पर दबदबा रहा। उसके बाद जनसंघ, लोकदल के प्रत्याशी जीते। 1990 से लेकर 2010 तक चुनाव एवं उप चुनाव में एक बार भाजपा और तीन-तीन बार सपा-बसपा ने बाजी मारी। 2014 में वीरेंद्र सिंह मस्त भाजपा से निर्वाचित हुए जबकि 2019 में भाजपा के रमेश चंद्र बिंद चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे। लोकसभा की पांच विधानसभाओं में ब्राह्मण और बिंद सबसे अधिक मतदाता है। इसके अलावा यादव, मुस्लिम भी अच्छी खासी संख्या में है।
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