इसके बाद फौरी तौर पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर भदोही कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया। उसके पास से कुछ नकदी बरामद हुई। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि मऊ के एक लाख के इनामी लालू यादव गैंग का वह सक्रिय सदस्य है।
वह लालू यादव के शरणदाता प्रदीप का काम देखता है। घटनाओं में लालू यादव का साथ देने वाले बाबा का मुख्य कार्य घटनास्थल की रेकी करना होता था। उस पर भदोही और जौनपुर जिले में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
भदोही जिले से उस पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। गत वर्ष पांच अगस्त को भदोही कोतवाली के गंगापुर में बैंक के कैश वैन से 20 लाख की लूट में भी वह शामिल था। इस घटना में उसके साथ अरुण राजभर, विनोद यादव उर्फ लालू और हरिकेश यादव उर्फ मास्टर भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक लालू यादव के साथ मिलकर उसने घटना की रेकी की थी।
छह जून 2019 को मिर्जापुर जिले के चील्ह थानाक्षेत्र के पुरजागिर में सराफा व्यवसायी को गोली मारकर सोने-चांदी से भरा बैग लेकर भाग गया था। कछवा रोड के सराफा कारोबारी से चार किलो चांदी एवं 60 ग्राम सोने की लूट की थी।
31 अगस्त को महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप में एक करोड़ 20 लाख की ज्वेलरी लूट में भी वह शामिल था। इसके अलावा कपसेठी और चौरी में सराफा व्यवसायियों के साथ हुईं लूट की घटनाओं में भी शामिल रहा। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह के मुताबिक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में उस पर गैंगेस्टर समेत छह मुकदमे दर्ज हैं।