मेडिकल पर जांच करते औषधि निरीक्षक कुमार सौमित्र। स्रोत: विभाग
ज्ञानपुर (भदोही)। कालीन नगरी में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप का कारोबार करने वाली फर्माें और उनके संचालकों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अब सभी फर्माें के बैंक खातों को फ्रीज करने की तैयारी है। प्रकरण की जांच करने वाली एजेंसियों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से फर्माें का लेखाजोखा मांगा है। करीब 10 दिनों में जिले में पांच कारोबारियों पर मेडिकल एक्ट समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के मामले पर शासन गंभीर है। शैली ट्रेडर्स रांची के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और उसका बेटा शुभम जायसवाल सरगना हैं, जिन्होंने वर्ष 2023 से ही जिले के दवा कारोबारियों को अपने नेटवर्क में शामिल किया था। भदोही समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कफ सिरप बेचा गया है। 18 नवंबर 2025 को लखनऊ से मिले इनपुट के आधार पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने चौरी, महराजगंज, भदोही थाने में कफ का कारोबार करने वाली छह फर्माें के पांच संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। ये फर्में भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद की है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो करीब 10 करोड़ का कारोबार किया गया है। एसआईटी जांच शुरू होने के साथ ही सभी की कुंडली खुलने लगी है। दो दिन पूर्व शुभम जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स रांची के बैंक खाते को फ्रीज करा दिया गया है। अब उससे जुड़ी फर्माें पर शिकंजा कसता जा रहा है। मंगलवार को शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की कोलकाता से गिरफ्तारी होने के बाद से ही खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़नी तय है। शिवम की फर्म से खरीद करने वाली फर्मों के खातों को भी फ्रीज किया जाएगा। इसके लिए सभी के बैंकों का लेखाजोखा जुटाया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि निरीक्षक कुमार सौमित्र ने कहा कि कफ सिरप मामले में शासन से नामित एजेंसी के साथ जिले की एसआईटी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि सभी फर्माें का बैंक डिटेल मांगा गया है। जिले में प्रतिबंधित कफ सिरप खरीदने वाली फर्माें से क्रय करने वाली दवा की दुकानों की भी जांच की जाएगी। औषधि निरीक्षक की मानें तो जिन फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनके क्रय-विक्रय का डाटा लिया जा रहा है। उनसे भी मामले की तहकीकात की जाएगी।