ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 30 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय बनाए जाएंगे। राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से शौचालय निर्माण के लिए बाल विकास एवं परियोजना विभाग की ओर से सूची जिला पंचायत विभाग को सौंप दिया गया है। एक-एक शौचालय के निर्माण पर 45-45 हजार रुपये खर्च होंगे।
ग्राम पंचायतों के स्वच्छता सर्वेक्षण में सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई पर अलग से अंक दिए जाने की व्यवस्था की गई है। शौचालय की उपलब्धता और उपयोग पर पांच-पांच अंक जबकि कूड़ा-करकट की स्थिति एवं जलभराव की स्थिति पर 10-10 अंक दिए जाएंगे। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाने की नए सिरे से कवायद शुरू हुई है। खास तौर से परिषदीय विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के उपयोग के लायक शौचालयों का निर्माण किया जाना है। सरकारी स्कूलों संग आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों में से करीब 825 केंद्र परिषदीय स्कूलों में और 150 खुद के भवन में चल रहे हैं। 250 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हैं। जिन स्थानों पर पहले से शौचालय बने हैं, उन्हें बेहतर किया जाएगा, जबकि जहां शौचालय नहीं है, वहां बनाया जाएगा। पहले चरण में 30 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। नन्हें बच्चों के उपयोग के लायक बेबी फ्रेंडली शौचालय होने से उन्हें दिक्कत नहीं होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि शासन से मिले निर्देश के क्रम में बेबी फ्रेंडली शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य वित्त एवं 14वें वित्त से धनराशि खर्च की जाएगी। एक बेबी फ्रेंडली शौचालय के नए निर्माण पर लगभग 45 हजार रुपये का खर्च आएगा। इसमें बच्चों के बैठने के लिए नौ इंच की छोटी सीट लगेगी।