प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खान की ओर से लेखपालों को लेकर दिए गए बयान को लेकर जिले की तीनों तहसीलों के लेखपाल मंगलवार को लामबंद हो गए। लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। आजम खान को माफी के साथ ही मुख्यमंत्री से कैबिनेट से बाहर करने की मांग की गई।
ज्ञानपुर तहसील में अध्यक्ष अमरेश पांडेय के नेतृत्व में लेखपालों ने नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि सरकार की ज्यादातर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में लेखपालों का हाथ रहता है, लेकिन आजम खां ने लेखपालों के खिलाफ जो टिप्पणी की, वह अपमानित करने वाला है। सरकार से मांग की कि आजम खां लेखपालों के खिलाफ दिए बयान से माफी मांगें अन्यथा संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर अजीत श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव समेत कई लोग मौजूद रहे। औराई संवाददाता के अनुसार, कैबिनेट मंत्री आजम खान के बयान को लेकर तहसील परिसर में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस का लेखपाल संवर्ग ने बहिष्कार किया। वक्ताओं ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण अंग है। सरकार के महत्वपूर्ण पद पर बैठे कैबिनेट मंत्री आजम खान ने 29 जुलाई को मुरादाबाद में नगर पालिका के एक कार्यक्रम में लेखपालों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर उन्हें अपमानित किया। उनके बयान से सरकार की प्रतिष्ठा खत्म हाो रही है।
अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से भेजा गया। विरोध जताने वालों में रमाकांत, पूनम पटेल, प्रदीप कुमार, जेपी सिंह, राहुल सिंह, अशोक प्रसाद,अमरेश दूबे, गुलाबधर त्रिपाठी, सिद्धनाथ गौतम, वैकुंठ मिश्रा, लाल बहादुर, बेलाल अहमद, धर्मेन्द्र यादव, बिंदू कुमारी, राम वृक्ष समेत कई लोग मौजूद रहे।