वहां से मुहर लगने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने वायरल ऑडियो के अलावा विधायक के आपराधिक इतिहास को भी कार्रवाई का आधार बनाया है। इसमें विधायक पर अब तक दर्ज कुल 71 मुकदमों का संज्ञान भी लिया गया है। ऑडियो में रंगदारी मांगने की बात भी कही जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुंडा एक्ट में छह महीने के लिए जिला बदर का प्रावधान है।
विधायक विजय मिश्र ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि टोल प्लाजा का मालिक गोपाल कृष्ण माहेश्वरी नहीं हैं, कोई और है। उनसे कोई सिफारिश लेकर आया था, जिसके लेन-देन के मामले में उनसे बात हुई थी। जिस ऑडियो की बात हो रही है, क्या पुलिस ने उसकी आवाज की जांच कराई। पुलिस विरोधियों के साथ मिलकर मेरी हत्या कराने की साजिश कर रही है। इसकी शिकायत एमएलसी रामलली मिश्रा ने पहले ही शासन तक की है। इससे बौखलाए विपक्षी और पुलिस साजिश कर रहे हैं।