महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में होने वाले काम में अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा।
मनरेगा में बिना काम कराए फोटो के जरिये श्रमिकों की हाजिरी अब लगाना आसान नहीं होगी। जिले में एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड की जा रही श्रमिकों की फोटो की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित होंगे।
ग्राम्य विकास विभाग के मनरेगा के संयुक्त विकास आयुक्त भूपेंद्र कुमार सिंह ने पत्र लिखकर फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने और एनएमएमएस पोर्टल की सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और जिला एपीओ को लिखे पत्र के अनुसार जिले की 20 से अधिक श्रमिकों वाली 25 से 30 परियोजनाओं की प्रतिदिन निगरानी की जाएगी और निगरानी रजिस्टर तैयार किया जाएगा। जिसमें हर मजदूर के फोटो, नाम, कार्यस्थल, उपस्थिति का समय आदि का विवरण होगा।
खास बात है कि अपलोड की गई तस्वीरों का मस्टररोल से मिलान कर उनका सत्यापन किया जाएगा। निगरानी के लिए नोडल जिला एपीओ को बनाया गया है।
उनकी अनुपस्थिति में डीसी मनरेगा द्वारा नामित अधिकारी यह जिम्मेदारी निभाएंगे। हर पंद्रह दिन में निगरानी रजिस्टर तैयार कर सीडीओ से अनुमोदित कराया जाएगा।