ज्ञानपुर। जिले के 40 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति सुधर नहीं रही है। चेतावनी के बाद भी स्थिति बेहतर न होने पर बीएसए ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया है। 15 दिनों में विद्यालयों की प्रगति ठीक न होने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
जिले में कुल 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें एक लाख 37 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन और उपस्थिति बढ़े, इसे लेकर शासन-प्रशासन की ओर से कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एक ओर जहां हर बच्चे को निशुल्क पुस्तकें मुहैया कराई जा रही हैं तो वहीं बच्चों के यूनिफाॅर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि के लिए 12 सौ रुपये की धनराशि डीबीटी के जरिये अभिभावकों के खाते में दी जा रही है। अप्रैल में शिक्षा सत्र शुरू होने और जुलाई में दोबारा विद्यालय खुलने पर स्कूल चलो अभियान के साथ अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए ताकि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति अच्छी हो सके। अभियान में कई विद्यालयों के शिक्षकों ने मेहनत किया और उनके यहां नामांकन भी बेहतर हुआ और बच्चों की उपस्थिति भी ठीक है लेकिन छह ब्लॉक के 40 विद्यालयों में नामांकन जहां 50 प्रतिशत भी नहीं है। वहीं उपस्थिति 70 प्रतिशत से कम है। पिछले दिनों बीएसए ने बीईओ और शिक्षकों को चेतावनी दी थी लेकिन उसका असर नहीं दिखा। अब बीएसए विकास चौधरी ने ऐसे विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें। 15 सितंबर तक सुधार न होने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।