ज्ञानपुर। ऑल टीचर्स एंड इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के बैनर तले शिक्षकों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोकने और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2005 के बाद करीब 15 लाख शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) लागू की गई। उनका कहना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के हित में नहीं है और इससे प्रदेश सरकार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कहा कि एनपीएस के कारण शिक्षक और कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रदेश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में योगदान देते हैं। ऐसे में उन्हें पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए। शिक्षकों ने लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को भी गंभीर मुद्दा बताया। इस मौके पर अनिल भट्ट, राहुल कुमार सिंह, मुन्ना लाल यादव, शिल्पी जायसवाल आदि रहे।