शहरनामा की फोटो विंध्याचल के अष्टभुजा स्थित
महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ, अष्टभुजा मंदिर के पास महर्षि आश्रम में आयोजित दुख निवारण विश्व शांति श्री सहस्र चंडी महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। वैदिक विद्वानों ने विधि-विधान से चंडी पाठ किया और यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, समाज के कल्याण व सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार की कामना की।
आयोजक राजकिशोर शर्मा ने बताया कि सहस्र चंडी महायज्ञ का उद्देश्य समाज में सात्विकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करना है। वैदिक मंत्रों और हवन की आहुतियां से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे जनकल्याण की भावना मजबूत होती है। महायज्ञ का आयोजन महर्षि संस्थान की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रभारी अनिल सिंह सहयोगियों के साथ संभाल रहे हैं। उधर, महायज्ञ के दौरान दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और विश्व शांति व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजक ने बताया कि महायज्ञ का क्रम निर्धारित तिथि तक रोजाना वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार जारी रहेगा। यज्ञाचार्य महेश, दिनेश, आचार्य मधुराज तिवारी, आलोक शुक्ला और उत्कर्ष दीक्षित आदि मौजूद रहे। संवाद