दमकल कर्मियों और पड़ोसियों की मदद से लगभग दो घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक आग से पूरा नुकसान हो चुका था। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव अपने भाई श्रीप्रकाश श्रीवास्तव के साथ जूते चप्पलों का कारोबार करते हैं। घर में ही सामने की ओर दुकान पर जूते-चप्पल की फुटकर बिक्री के अलावा थोक बिक्री के लिए घर के अंदर दूसरे मंजिल के पिछले हिस्से में ही गोदाम बनवा कर उसमें लाखों रुपये का माल स्टाक कर रखा था।
बकौल ओम प्रकाश वे सुबह नौ बजे रोज की तरह हाथ में अगरबत्ती लेकर गोदाम के दरवाजे पर पहुंचे तो देखा कि अंदर से भारी मात्रा में धूंआं निकल रहा है।
इस पर उन्होंने शोर मचाकर घर के दूसरे सदस्यों को भी बताया। दमकल भी मौके पर पहुंच गई और कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
दो घंटे में किसी तरह आग को बुझाया तो जा सका लेकिन तब तक गोदाम के अंदर का सारा माल जल चुका था। मालिक ने बताया कि लगभग चार लाख के जूतों के स्टाक के अलावा एक लाख के फर्नीचर और नगदी रुपये आग की भेंट चढ़े हैं।
आग बुझाने में जहां आम लोगों ने व्यापक रूप से सहयोग किया वहीं तमाशबीनों के चलते आग बुझाने में दुश्वारी भी हुई। एसडीएम भदोही उमाकांत त्रिपाठी, सीओ एपी सिंह, कस्बा पुलिस इंजार्च राकेश सिंह भी पहुंच गए थे। इसके अलावा रईसू खां, टोनी मंसूरी, अमजद अंसारी समेत आसपास के 8-10 युवकों ने व्यापक रूप से सहयोग किया।