मृतक आशाकर्मी शिवकुमारी राजभर। फाइल फोटो
भदोही। इंदिरा मिल रेलवे क्रॉसिंग के पास बृहस्पतिवार की शाम आठ बजे बेटे विशाल को बचाने के चक्कर में मां शिवकुमारी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। चौरी की चकभूईधर गांव की आशा कार्यकर्ता शिवकुमारी से विशाल ने रुपये मांगे थे। मना करने पर वह ट्रेन से कटने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। मां की मौत के बाद विशाल मां-मां कह कर दहाड़ें मारकर रोने लगा। विशाल के दाहिने पैर में चोट लगी।
उसे महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से देर रात में वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि विशाल नशे का आदी है। नशा करने के लिए वह रुपयों की मांग कर रहा था।
भदोही कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार ने बताया कि शिवकुमारी के परिवार में पति रामसागर राजभर, दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ा बेटा विशाल 20 वर्ष का है, जबकि दूसरा बेटा राहुल राजभर (16) कक्षा 11 में पढ़ता है। तीन बेटियों में बड़ी बेटी पुष्पा की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी प्रिंस (18) और तीसरी बेटी प्रिया (17) अविवाहित हैं। रामसागर राजभर चौरी रेलवे फाटक के पास अंडे की दुकान लगाते हैं। दो दिन पहले पुष्पा का निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ है। उसने एक बच्ची को जन्म दिया है। बेटी के लिए खाना पहुंचाने के लिए शिवकुमारी अस्पताल गई थीं। वहां पर विशाल भी मौजूद था। विशाल ने मां शिवकुमारी से रुपये मांगे। इस पर शिवकुमारी ने मना कर दिया था। इससे नाराज विशाल ने ट्रेन से कटने की बात कहते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था, उसके पीछे-पीछे शिवकुमारी भी पहुंच गई थीं। बेटे को बचाने में शिवकुमारी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।