गर्मी शुरू हो गई है। राहगीरों को ठंडे पानी के लिए परेशान होना पड़ा रहा है। एक साल पहले नगर में 1.74 करोड़ रुपये से 22 वाॅटर कूलर लगाए थे। इनमें से 6 वाॅटर कूलर खराब हैं।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को नगर में वाॅटर कूलर की पड़ताल की। टीम को छह स्थानों पर आरओ वाॅटर कूलर खराब दिखे। कुछ जगहों पर आरओ वाॅटर कूलर के पास फाउंडेशन नहीं दिखा। गंदगी पसरी मिली।
ज्ञानपुर नगर पंचायत के 12 वार्डों में 22 वाॅटर कूलर लगाए गए थे। वाॅटर कूलर लगने से लोगों को ठंडा पानी मिल रहा था। नगर के सुजीत, मनीष ने बताया कि सालभर में 22 में से कई वॅाटर कूलर चार से पांच बार खराब हुए। ठंड के मौसम में वाॅटर कूलर ठीक थे। गर्मी शुरू होते ही वाॅटर कूलर खराब हो गए।
नगर ज्ञानपुर मुख्यालय के पास प्रमुख जगहों पर अब तक वाॅटर कूलर का फाउंडेशन नहीं बना है। वाॅटर कूलर के चारों तरफ कीचड़ पसरा है। स्थानीय सोहित, आशीष, राजेश ने बताया कि फिसलन की वजह से लोग वाॅटर कूलर के पास नहीं जाते हैं।
नगर के जीआईसी मैदान, वार्ड नंबर आठ ईदगाह, पुरानी तहसील, मुख्य शीतल पाल तिराहा समेत छह स्थानों पर वाॅटर कूलर खराब हैं।
इसके अलावा बूढ़े नाथ मंदिर, रजिस्ट्री ऑफिस, पशु अस्पताल, दुर्गागंज तिराहा, मुखर्जी पार्क, जिला जेल के सामने की वाॅटर कूलर चालू हैं लेकिन गंदगी के कारण लोग पानी पीने नहीं जाते हैं। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही वे चंदा लगाकर वाॅटर कूलर बनवाए थे।
नगर के मुख्य मार्ग पर दो हैंडपंप भी खराब है। ज्ञानपुर के प्रोफेसर काॅलोनी और पुरानी तहसील में लगे हैंडपंप महीनों से खराब हैं।
डॉ. घनश्याम दास गुप्ता, चेयरमैन ज्ञानपुर ने कहा कि नगर में लगे आरओ वाॅटर की लगातार निगरानी की जाती है। कुछ दिन पहले ही खराब वाॅटर कूलर बनवाए गए थे। अगर फिर से खराब हो गए हैं तो उसे जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा।