कार्यालय परिसर से लेकर कार्यालय के अंदर तक सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे और कार्यालय का मुख्य गेट आउटसाइडरों के लिए बंद कर दिया गया था।
इस दौरान दलाल और आउटसाइडर कार्यालय परिसर के बाहर मंडऱाते नजर आए। दूसरी तरफ जिलाधिकारी ने तोडफ़ोड़ मामले की जांच उप जिलाधिकारी को सौंप दी है।
एसडीएम आठ जनवरी को मामले की जांच करेंगे। सोमवार को उप संभागीय परिवहन कार्यालय पर कुछ दलालों ने विभाग के एक लिपिक से हाथापाई करने के साथ ही कुर्सी आदि को तोड़ दिया था।
डीएम प्रकाश बिंदु के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने मामले की जांच ज्ञानपुर एसडीएम विपिन कुमार को सौंप दी। विवाद और तोड़फोड़ के बाद मंगलवार को कार्यालय पर सख्ती दिखी।
दफ्तर में काम के दौरान जहां सुरक्षाकर्मी तैनात रहे, वहीं मुख्य द्वार और पीछे के द्वार पर
ताला लगा दिया गया ताकि दलाल और आउटसाइडर कार्यालय के अंदर न घुस पाएं।
कार्यालय के मेन गेट और अंदर कई स्थानों पर दलालों का प्रवेश वर्जित होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया।
मंगलवार को कार्यालय से 100 से 300 मीटर दूर दलाल मंडऱाते नजर आए।
इस संबंध में उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन वीके मिश्रा ने कहा कि कार्यालय में दलालों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
यह स्थिति अब आगे भी प्रभावी रहेगी। दलाल कार्यालय में प्रवेश करेंगे तो उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वह सीधे काउंटर पर आकर अपना काम कराएं।