विद्युत उपकेंद्र वहिदानगर से चलने वाले अरता फीडर का मामला बृहस्पतिवार को समाजसेवी राजेश तिवारी ने एक्सईएन सद तक पहुंचा दिया। एक्सईएन ने जेई से रिपोर्ट मांग कर तटवर्ती क्षेत्र तक होने वाली आपूर्ति में आ रही समस्या को दूर कराने का आश्वासन दिया। राजेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि फीडर पर लगा 11000 वोल्ट का तार चंदापुर के नलकूप से दो पतले तारों में परिवर्तित कर दिया गया है जिसका परिणाम है कि अरता, मरसड़ा, सोनपुर, नगरदह, ओझापुर, गोपालापुर, कलिंजरा समेत दो दर्जन गांवों में रहने वाला परिवार छह साल से मात्र तीन-चार घंटे की आपूर्ति पाकर संतोष जता रहे है। जेई से पूछने पर वह सीधा जवाब देते हैं कि उनके पास तार नहीं है। बिना विभाग के ठेकेदार कोई कदम आगे नहीं बढ़ाते और अब तक 80 करोड़ से अधिक की धनराशि के उपकरण उन्हीं गांवों में लगवाया गया है जहां पर पहले से आपूर्ति व्यवस्था सुचारु थी। दो पतले तार से न बल्ब जल पा रहे हैं न सिंचाई संसाधन। उपभोक्ता जनरेटर का सहारा लेकर इन्वर्टर चार्ज करते हैं और निजी पेयजल संसाधन चलाते हैं। एक्सईएन सदर मनोज कुमार ने कहा कि जेई दिलीप कुमार से रिपोर्ट मांगी गई है। एक माह में फीडर की व्यवस्था में बदलाव दिखने लगेगा।