संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। अड़हुल के फूलवा में कवन गुन हो माई गइलू लोभाई...मोरे घरे आवा हो मईया, निमियां के डरिया नावे ली झलुवा हे मईया... आदि देवी गीतों से जनपद का वातावरण भक्तिमय है। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को देवी मंदिरों से दूर्गा पूजा पंडाल तक आस्था, विश्वास का संगम दिखा।
श्रद्धालुओं ने मां चंद्रघंटा के चरणों में शीश नवाया। फूल-माला, नारियल, चुनरी आदि चढ़ाकर लोगों ने सुखद जीवन की कामना की। हर कोई मां के आराधना में मशगूल है।
शहर व ग्रामीण क्षेत्र में पूरे दिन घंटा-घड़ियाल की गूंज से वातावरण खुशनुमा है। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। नव दुर्गाओं में मां का महत्व और शक्तियां अनंत हैं।
मंदिरों, पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ी है। सुरियावां के नव युवक मंडल दुर्गा पूजा समिति भीमसेनपुर मानसाहपुर में मां की प्रतिमा स्थापित है। रोजाना शाम को ढोल तासा पर मां की आरती की जाती है।
वहीं गोपीगंज के सदर मोहाल के मां दुर्गा मंदिर, पश्चिम मोहाल स्थित चौरा माता मंदिर, पसियान मोहाल की मां बंबा देवी मंदिर, काली देवी महाल में मां काली ज्ञानपुर रोड के शीतला देवी मंदिर समेत जगन्नाथपुर, गोपपुर, लालानगर, सारीपुर, धनापुर, सुजातपुर, सीखापुर, कौलापुर देवी मंदिरों सहित भदोही, गोपीगंज, चौरी, औराई, बाबूसराय आदि स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई।
नवरात्र को लेकर बाजारों में अन्य दिनों की अपेक्षा गहमागहमी बढ़ी है। नारियल-चुनरी, प्रसाद, फलों की दुकानें गुलजार है। खरीददारी के लिए दुकानों पर ग्राहकों की इन दिनों बढ़ी है।
नव युवक मंडल दुर्गा पूजा समिति भीमसेनपुर मानसाहपुर सुरियावां। संवाद
नव युवक मंडल दुर्गा पूजा समिति भीमसेनपुर मानसाहपुर सुरियावां। संवाद