ज्ञानपुर। जिले में गर्मी प्रकोप तीन दिनों में कुछ कम जरूर है लेकिन अप्रैल माह की गर्मी ने लोगों को परेशान करके रख दिया था। पिछले तीन सालों में इस बार अप्रैल माह सबसे गर्म रहा। इस दौरान औसत तापमान 42.2 डिग्री के आसपास रहा। पिछले दो साल में 36 से 39 डिग्री के मध्य औसत तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अंदेशा है कि मई के दूसरे सप्ताह के बाद तापमान में वृद्धि हो सकती है।
जिले में तल्ख धूप और तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों का जीना मुहाल रहा। बीते दो से तीन दिनों से गर्मी से राहत जरूर है, लेकिन अप्रैल महीने में जिस तरह की गर्मी पड़ी। वह बीते तीन सालों के रिकार्ड को तोड़ दी। कोविड काल के बाद पड़ी गर्मी भी इस तरह नहीं रही। इस साल अप्रैल महीने में सुबह नौ बजे के बाद ही आसमान से आग बरसने लग रहा है। लगभग 23 से 27 किमी प्रति घंटा से चल रही गर्म हवाओं के कारण चलने वाली लू के थपेड़े लोगों को झुलसा दे रहे हैं। पूरे महीने औसत तापमान 40 से 42 डिग्री के आसपास बना रहा। जिसका असर लोगों की सेहत पर भी देखा गया। अस्पतालों की ओपीडी में उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक रही। हालांकि सहालग का सीजन का भी इसका प्रमुख कारण रहा। बीते दो से तीन दिनों से तापमान में कुछ गिरावट आई है। इसके बाद दोपहर का समय बीताना लोगों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। शुक्रवार को 18 किमी के रफ्तार से हवा चली। गर्म हवाओं के झोकों ने बदन को खुब झूलसाया। दोपहर में 11 से 3 बजे तक विभिन्न मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा। मई के शुरुआती दिनों में भले ही तापमान स्थित है, लेकिन रात में पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। इससे लोगों की रातों की नींद हराम हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। माह के दूसरे सप्ताह में बूंदाबांदी होने का आसार है।
इनसेट:
वर्ष - अधिकतम - न्यूनतम
2022 - 39.3 - 22.8
2023 - 36.9 - 21.8
2024 - 42.2 - 22.47
नोट - बीते सालों का अप्रैल माह का औसतन तापमान।