ज्ञानपुर। जिला पंचायत सभागार में बृहस्पतिवार को अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना में पांच तालाबों के सुंदरीकरण पर तीन करोड़ 32 लाख खर्च करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा अन्य विकास कार्यों पर चर्चा की गई। लाइसेंस शुल्क के दरों में संशोधन का प्रस्ताव भी पारित हुआ। अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। जिपं अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि जिले में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी कदापि नहीं होना चाहिए। जिले की जनता को बेहतर सुविधा का लाभ दी जाए। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ की सुविधा हर व्यक्ति को मिलना चाहिए। शासन स्तर से लागू की गई जिला पंचायतों में खनिज परिवहन वसूली को माडल बाइलाज के क्रम में 28 मई वर्ष 2005 से लागू उपविधि को संशोधित कर सदन के समक्ष प्रस्तुत की गई। चिमनी भट्ठा के लाइसेंस शुल्क की दरों में नियमानुसार संशोधित कर सदन के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिसका प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान औराई के कंसापुर में 66 लाख, गणेशरायपुर में 60 लाख, लठिया में 69 लाख, गड़ौरा में 71 और बेला में 64 लाख की लागत से अमृत सरोवर बनाने की स्वीकृति दी गई। ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे ने कहा कि आम जन की सहूलियत पर ध्यान देना जरूरी है। पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी, भदोही विधायक जाहिद बेग ने भी विचार व्यक्त किया। इस मौके पर जिपं सदस्य राजेंद्र बघेल, मुनेश्वर गुप्ता, मनोज मिश्र, अंजनी शुक्ला, पीडी मनोज राय, डीएफओ नीरज आर्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसवी राव आदि रहे।