ज्ञानपुर। विधानमंडल टीम की सेवा के नाम पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अवैध वसूली के मामले में दो मुख्य सेविकाओं पर शिकंजा कस गया है। आडियो वायरल होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू वर्मा ने दोनो मुख्य सेविकाओं को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिनों में जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी। जिले में 30 जुलाई को विधानमंडल की टीम आई थी। जिसमें स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों संग बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। उक्त बैठक के करीब 20 दिन बाद सोमवार को एक आडियो वायरल हुआ। जिसमें डीघ और औराई ब्लॉक की मुख्य सेविकाएं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बात करतीं दिखी। जिसमें विधानमंडल की टीम की सेवा के लिए प्रति केंद्र 200-200 रूपये तय करने की बात कही गई। कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया तो कार्रवाई की धमकी दी गई। आडियो में विधानमंडल टीम का भय दिखाकर कारपेट और लिफाफा देने के प्रारूप की बात कही गई। आडियो वायरल होने के बाद विभागीय अफसरों में खलबली मच गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोनो मुख्य सेविकाओं से जवाब मांगा गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू वर्मा ने कहा कि अवैध वसूली का मामला संज्ञान में आने के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके लिए तीन दिनों का समय दिया गया है।