रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फंसे गोपीगंज नगर के छात्र मुजैफ शुक्रवार की रात में घर वापस आ गए। वहीं दूसरी ओर गोपीगंज नगर के चित्रांश गुप्ता सही सलामत स्वदेश पहुंच गए हैं। दोनों लोगों के परिवार मेें खुशी है।
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे नगर के तीन छात्रों में से दो घर आ गए हैं। यूक्रेन से आए छात्रों ने कहा कि कोई माइनस पांच डिग्री तापमान में अलाव जलाकर रात गुजार रहा है तो कोई 20 से 22 घंटे तक बार्डर पर बिना खाना पानी के समय गुजार रहा है। शुक्रवार देर रात घर आये मुजैफ वहां की परिस्थितियों को बताते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैं ऊपर वाले से दुआ करता हूं कि यूक्रेन में फंसे दूसरे छात्र भी सही सलामत देश लौट आएं। गोपीगंज नगर के लाई बाजार निवासी मकबूल अहमद के पुत्र शाह फैसल दो मार्च को घर आ गए थे, लेकिन उसी परिवार के महमूद अहमद के पुत्र मुजैफ हुसैन नहीं आ पाये थे। शुक्रवार को देर रात मुजैफ भी घर पहुंचे। मुजैफ ने बताया कि रोमानिया से दिल्ली फिर दिल्ली से चार अन्य सहपाठियों के साथ सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गये टैक्सी से सफर तय कर घर पहुंचे। रोमानिया सरकार और वहां की स्वयं सेवी संस्था के साथ केंद्र सरकार की पहल की सराहना करते हुए मुजैफ ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र यूक्रेन से रोमानिया, हंगरी होते हुए वतन वापस आ रहे हैं। मुजैफ के पिता महमूद अहमद ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे गोपीगंज नगर निवासी चित्रांश गुप्ता शनिवार को सही सलाम भारत पहुंच गये हैं। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने जीजी से मुलाकात की। सही सलामत भारत पहुंचने पर परिवार के लोग बहुत खुश हैं। जल्द ही चित्रांश अपने परिवार के साथ नजर आएंगे।