सीतामढ़ी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर रविवार को महाबली हनुमान जी का विजय अभिनंदन महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिले के धार्मिक एवं पौराणिक स्थल सीतामढ़ी समेत कई हनुमान मंदिरों पर हनुमान जी की विधिवत अराधना की गई। सीतामढ़ी में विश्व प्रसिद्ध 108 फीट ऊंचे हनुमान जी मूर्ति के नीचे बने मंदिर में विविध धार्मिक आयोजन हुए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक माह कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि को माता सीता ने हनुमान जी को अमरता का वरदान दिया था। इस दिन धूमधाम से हनुमान जी की विधिवत अराधना की जाती है। जगह-जगह सुंदरकांड और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ होता है। इसके अलावा मंदिरों पर हनुमत जन्मोत्सव भी कराए जाते हैं। सीतामढ़ी मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान जी की दिव्य मूर्ति का आकर्षक शृंगार कर मंदिर को फूल मालाओं से सुसज्जित कर मंत्रोच्चार के बीच छप्पन भोग लगाया गया। इस मौके पर मंदिर में सुंदरकांड पाठ एवं श्री हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन सीतामढ़ी में होने लगा और श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान जी का दर्शन पूजन किया। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूजन, पाठ, घंटा आदि की ध्वनियों से मंदिर परिसर गुंजायमान होता रहा। इसी तरह ज्ञानपुर पावर हाउस के पास प्राचीन हनुमत कुटिया, चकवा स्थित पांडवकालीन चकवा महावीर, हरिहरनाथ मंदिर, खमरिया नटवा महावीर समेत अन्य हनुमान मंदिरों पर हनुमत जन्मोत्सव की धूम रही। जगह-जगह ग्रामीण इलाकों में भी हनुमान जी की अराधना की थी।