ज्ञानपुर। वेतन-भत्ता और पीएफ समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे एंबुलेंस संचालकों ने सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में 108, 102 और एएलएस एंबुलेंस संचालित कर रही सेवा प्रदाता कंपनी जीवीकेई एमआरआई की ओर से कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
बोले कि कंपनी और कर्मचारियों के मध्य कई बार वार्ता के बाद कर्मचारीगण संबंधित जिम्मेदार अधिकारी संस्था को अवगत करा चुके हैं, किंतु सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका। इसमें पीएफ का पैसा पिछले छह महीने से कंपनी जमा नहीं कर रही हैं। सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से भर्ती के नाम पर चालक से 25 हजार रुपये और मेडिकल टेक्नीशियन से पचास हजार की डीडी वसूल करना। पीएफ का पैसा छह महीने से जमा न करना। बढ़ी हुई सैलरी अपर श्रमायुक्त समझौते के अनुसार न देना आदि समस्याओं से परेेशान होकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 15 दिन का नोटिस देते हुए कहा कि प्रदाता कंपनी समझौते पर कार्य नहीं किए तो हम मजबूर होकर 26 फरवरी के बाद किसी भी तारीख में कार्य बहिष्कार और शांतिपूर्ण धरना करने को बाध्य होंगे, जिसका जिम्मेदार सेवा प्रदाता कंपनी और प्रशासन होगा।