लगभग तीन वर्ष पूर्व आदर्श नगर योजना में शामिल नगर पंचायत सुरियावां के नगरवासी दूषित पेयजल आपूर्ति से परेशान हैं। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। नई पाइप लाइन बिछाने के नाम पर नगर प्रशासन को शासन से मिलने वाले अतिरिक्त बजट का इंतजार है। नगर निवासी कृष्णकांत विश्वकर्मा, जतन गुप्ता, शिवदर्शन चौरसिया, संदीप जायसवाल, अमित जायसवाल ने बताया कि आदर्श नगर योजना में शामिल होने के बाद शुद्ध पेयजल, गंदगी, सुरक्षित आवागमन, प्रकाश जैसी सुविधाओं की उम्मीद जगी थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका। एक माह से बाईपास रोड के किनारे गंदे पानी के जमाव के कारण क्षतिग्रस्त पाइप सामने आई है। दशक पूर्व लगी पेयजल इकाई के फेल होने पर नगर प्रशासन ने बगल से गुजरी दूसरी पाइप लाइन में जोड़ दिया। एक-दूसरे पाइप का जुड़ाव सही न होने के चलते प्रतिदिन आपूर्ति चालू होने पर रोड की पटरी भर जाती है। आपूर्ति बंद होते ही गंदा पानी पुन:उसी क्षतिग्रस्त पाइप लाइन में पहुंच कर घरों तक पहुंचता है। चिंता की बात यह है कि एक ओर शासन-प्रशासन महामारी से बचने और बचाने के लिए ढाई वर्ष में करोड़ों रुपये जागरुकता के नाम पर खाली कर दिया जिसका प्रभाव सरकारी अमले पर नहीं दिख रहा है। घरों में दूषित पानी का उपयोग किसी भी समय लाइलाज बीमारी का कारण बन सकती है। नगरवासियों के हित को देखकर किसी योजनांतर्गत पाइप लाइन बदली नहीं गई तो अंजाम घातक होगा। अधिशासी अधिकारी सोनल जैन ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर शासन से बजट की मांग की जा चुकी है। बजट मिलने पर समस्या दूर करा दी जाएगी।