जिले के लोगों को बेहतर यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए ज्ञानपुर में 12 साल पहले बनकर तैयार रोडवेज बस स्टेशन से बसों के संचालन की शुरूआत हुई थी। तब परिवहन निगम ने यहां से तकरीबन 12 बसों का संचालन शुरू किया मगर कुछ समय बाद ही निगम की लापरवाही और उदासीनता के चलते बसों का संचालन ठप हो गया। तब से बस स्टेशन का परिसर धूल फांक रहा है। बसों का संचालन नहीं होने से जिले के अन्य हिस्सों सहित पड़ोसी जनपदों में जाने के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हाल यह है कि खंडहर के रूप में बदलते इस स्टेशन को आज भी बसों का इंतजार है। वहीं यात्रियों को सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। करीब डेढ़ दशक पहले स्थानीय लोगों की मांग पर तत्कालीन बसपा सरकार ने दुर्गागंज तिराहे के समीप करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बस स्टेशन का निर्माण कराया। यहां चार कक्ष बनाए गए। स्टेशन के संचालन के लिए मुकम्मल व्यवस्था की गई। 25 अगस्त 2008 को तत्कालीन परिवहन मंत्री रामअचल राजभर ने इसका उद्घाटन भी किया। 12 से अधिक बसों का संचालन भी यहां से होने लगा। विभिन्न रूटों के लिए शुरू की गई बस सेवा से यहां के लोगों को काफी लाभ भी मिला। लेकिन समय के साथ सबकुछ बदल गया। कुछ दिन के बाद बसों का संचालन बंद कर दिया गया। बाद में इसी परिसर को ऑटो स्टैंड बना दिया गया। जब परिवहन निगम से शिकायत हुई तो उसे बंद कर दिया गया, लेकिन बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ। धीरे-धीरे बस स्टेशन खंडहर बनता जा रहा है।