भदोही। एसोसिएशन आफ जेनिटोयूरीनरी सर्जन्स आफ इंडिया के बैनर तले रविवार को दो सौ से अधिक सर्जन नगर के जीवनदीप हास्पिटल के आडिटोरियम में जुटे। मौका था एजीयूएसआई-कान 2025 का। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भदोही और जीवनदीप हास्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में मूत्र रोग संबंधी दिनभर में एक दर्जन ऑपरेशन चिकित्सकों ने किया। ऑपरेशन थिएटर से सभी ऑपरेशन को सीधे विशाल स्क्रीन पर प्रसारित किया गया। उद्देश्य था कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे नित नए-नए प्रयोगों से देश भर के चिकित्सक न केवल रू-ब-रू हों बल्कि उनकी जटिलताएं भी समझें। इस आयोजन को जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आयोजन समिति के चेयरमैन मड़ियाहूं विधायक डा.आरके पटेल ने कहा कि यूरोलाजी के क्षेत्र में दुनिया में क्या चल रहा है उससे अपडेट हर चिकित्सक के लिए चुनौती है। यह कार्यक्रम इसी उद्देश्य की पूर्ति कर्ता है। सचिव डा.एके गुप्ता ने कहा भदोही में ऐसा कार्यक्रम हो सकता है और हम लोगों ने करके दिखाया।
दिन भर चले एजीयूएसआई कान-2025 में कुल 12 अलग-अलग मर्ज के एक दर्जन मरीजों के ऑपरेशन हुए। डा.नीरज श्रीवास्तव, डा.करतार सिंह यादव, डा.हरिओम यादव, डा.सुदीश कुमार, डा.कामद दीक्षित, डा.जावेद इकबाल, डा.संजय चौबे ने ऑपरेशन किया। वे आपरेशन के साथ साथ आने वाले सवालों का सीधे ऑपरेशन थिएटर से जवाब दे रहे थे। संयुक्त सचिव डा.गणेश यादव ने कहा कि भदोही जैसे शहर में इसका आयोजन चुनौती था जिसे हम लोगों ने स्वीकार किया। वहीं आयोजन समिति के ट्रेजरर डा.ए.रहमान ने कहा कि इस कार्यक्रम से सबको कुछ न कुछ सीखने को मिला। इससे पूर्व सांसद डा. विनोद बिंद , डा. प्रोबल नियोगी, डा.अचल गुप्ता (ग्वालियर), डा.अमित अग्रवाल (मिर्जापुर), डा.एके गुप्ता, डा.आरके पटेल, डा.गणेश यादव, डा.ए.रहमान ने वर्कशाप का शुभारंभ सुबह नौ बजे दीप प्रज्जवलित कर किया।
विभिन्न प्रांतों के दो सौ से अधिक चिकित्सक हुए शामिल
भदोही। रविवार को भदोही में हुए एजीयूएसआई-कान 2025 में देश भर के दो सौ से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक और सर्जन शामिल हए। उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों से प्रतिनिधि चिकित्सक तो शामिल हुए ही महाराष्ट्र, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, बिहार, पंजाब, हरियाणा, झारखंड के चिकित्सकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। चिकित्सकों ने कहा कि विश्व तेजी से आगे बढ़ रहा है। संगठन की जिम्मेदारी है कि हम सबको साथ लेकर चलें। देश भर में क्या क्या तकनीक अपनाई जा रही है यहां आकर जानकारी हुई।