इससे महाविद्यालय में दो घंटे तक प्रवेश बाधित रहा। हंगामे की सूचना पाकर तहसील दिवस में बैठे एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी, सीओ श्याम शंकर पांडेय, कोतवाल पीके त्रिपाठी भी पहुंच गए।
उन्होंने हंगामा कर रहे छात्रों से बात की। इसके बाद प्राचार्य डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह और प्रवेश कमेटी के सदस्यों से इस मुद्दे पर विचार विमर्श किया। लेकिन नियमों का हवाला देते हुए कालेज प्रशासन ने आनलाइन आवेदन के हिसाब से जारी मेरिट पर ही प्रवेश की मजबूरी बताई। इससे प्राचार्य, प्रशासन, छात्रों और प्रवेश कमेटी के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही।
इस दौरान अपनी मांगो के समर्थन में छात्रनेता गेेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए कालेज प्रशासन पर आंतरिक छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते रहे, हालांकि दो घंटे बाद किसी तरह प्रवेश शुरू हुआ। गेट पर सुबह दस बजे से पहले पहुंचकर इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने अधिकांश ने विभागों में पहुंचकर काउंसलिंग कराई। इसमें सौ से अधिक अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराकर प्रवेश लिया।