ज्ञानपुर। बारिश थमने बाद अब उसके असर से जनजीवन मुश्किल में पड़ गया है। मकानों के गिरने का सिलसिला तेज हो गया है और जगह-जगह भारी जलभराव से लोग बेहाल हो गए हैं। गुजरे 24 घंटे के दौरान जिले में लगभग डेढ़ सौ मकान धराशायी हो गए। इससे मलबे में दबकर भारी मात्रा में गृहस्थी के सामान नष्ट हो गए। दूसरी ओर सड़कों पर भारी जलभराव से कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों को लंबी दूरी घूम कर आवागमन करना पड़ रहा है।
ज्ञानपुर के गोसाईदासपुर गांव में पन्नालाल सरोज, बुधिराम सरोज, कमलेश यादव, टम्मे सरोज समेत 15 लोगों का कच्चा मकान गिर जाने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। इसी तरह तीनबरवां चक्ककिसुनदास निवासी कमलकांत यादव, शरद कुमार यादव, विमल कुमार यादव पुत्र यज्ञ नारायण यादव का कच्चा घर गिर गया। सुरियावां क्षेत्र के बिसही गांव में मानिकचंद उपाध्याय, जगदीश उपाध्याय की बखरी ढह जाने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। संयोग रहा कि परिवार के लोग इधर-उधर रहे नहीं तो बड़ी घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता था। घोसिया क्षेत्र के भवानीपुर पूर्वी गांव में रविवार की रात फूलचंद पाल का कच्चा मकान सीलन से ढह जाने से भूसा, अनाज सहित हजारों के सामान दबकर नष्ट हो गए। सिउर गांव निवासी जगन्नाथ चौबे का दो कमरे का कच्चा घर गिर गया। घूरीपुर-जाठी गांव में तुलसीराम का रिहायशी दो घर गिर जाने से पूरा कुनबा चिंता में डूबा रहा। महाराजगंज के इटवां गांव निवासी दिव्यांग विजय विश्वकर्मा का कच्चा घर गिर जाने से छह सदस्यीय परिवार के समक्ष रहने-खाने की समस्या बढ़ गई। सुरियावां के एकौनी गांव निवासी विजय बहादुर बिंद का घर गिर जाने से लगभग 50 हजार का नुकसान हुआ। औराई के तिउरी निवासी गोवर्धन यादव, मवैयाहरदोपट्टी निवासी श्यामजीत पाल, योगेंद्र पाल, राकेश यादव और चकवाचंदेल गांव निवासी रामराज यादव, रामपुर में रामजी गुप्ता का घर गिर जाने से नुकसान सहन करना पड़ा। करियांव के खेमापुर-कीर्तिपुर रिहायशी टीनशेड और दीवार गिरने से परिवार बच गया, लेकिन गृहस्थी के सारे सामान दबकर खराब हो गए। इसी तरह जमुना प्रसाद चौरसिया, रामजी मिश्र के घर की दीवार रात में गिर गई। गोपीगंज के सोनखरी गांव में कल्लू प्रसाद विश्वकर्मा के 12 कमरों का कच्चा घर गिर जाने से हड़कंप मचा रहा। वार्ड नंबर 16 सोनिया तालाब निवासी सुरेश चंद्र दुआ, राजेंद्र कुमार दुआ के पक्के मकान में बारिश का पानी घुस जाने से कई जगह घर बैठ गया। अनहोनी को लेकर परिवार किराए के मकान में शरण ले रहे हैं। जलभराव से प्रभावित परिवारों ने जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण कराकर मुआवजा और दूसरे स्थानों पर शरण लेने वालों की सुधि लेने की गुहार लगाई गई। इसी तरह जंगीगंज के कुलमनपुर निवासी रामकुमार गुप्ता, महुआरी निवासी कल्लू मिश्र, दौरियाही-गोधना निवासी रमेश पाल, सुदर्शन पाल, सुरेश पाल पुत्र मग्गू पाल आदि का घर जलमग्न होकर गिर गया। पूरा परिवार जगह-जगह शरण लेकर समय बीताने को विवश है। बिरनई के चेरापुर निवासी छोटेलाल बिंद, केवलपुर-बैरीबीसा निवासी लक्ष्मी शंकर तिवारी का पक्का घर ढह गया। जगापुर-पड़ान गांव में कड़ेदीन यादव उर्फ भग्गल का रिहायसी कच्चा मकान गिर गया। सोनैचा में नखड़ू गौतम, बैरीबीसा के कमला शंकर, त्रिलोकी शर्मा, शिवपूजन, ओमकारनाथ का कच्चा मकान गिरा। इसी तरह वहिदा नगर-नवधन, बसहीं, कोइरौना, नारेपार निवासी केसरी प्रसाद बिंद, लालचंद बिंद, बद्री प्रसाद बिंद, जटाशंकर नट, रामलाल बिंद, शीतल, गोविंद, कैलाश बिंद, रामरूप बिंद, सुरेंद्र बिंद, दुखीराम विश्वकर्मा, सरफराज अली का कच्चा रिहायशी घर गिर जाने से अफरातफरी मची रही। कोइरौना निवासी बंशनारायण बिंद, अमृतलाल बिंद, माधुरी बिंद, बसहीं के लालचंद बिंद और कुरमैचा गांव निवासी कलेक्टर गौतम, संतलाल, नंदलाल, हिंच्चलाल, देवी प्रसाद, बद्रीप्रसाद, रामकरन, शिवराम, रामरती बिंद, रामआसरे, अमृतलाल, कैलाश बिंद, रामप्रसाद, जीतनारायन, हरिगेन, संतलाल, रामचंदर, कल्लू विश्वकर्मा, गोकुल प्रसाद बिंद, हंसराज बिंद, राजित बिंद, राजेंद्र बिंद, भुखलराम बिंद और ऊंज गांव निवासी बुदुल राम, हूबलाल सरोज, उमाशंकर, रमाशंकर, शिवशंकर, राकेश, रामदास, रामआसरे गिरी, राजेंद्र प्रसाद, नन्कऊ, कन्हैयालाल, छोटेलाल, भगौती प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, लालजी, जयराम, बडकऊ, मखना देवी, अमित कुमार, संजय, ताराशंकर, रमाशंकर बिंद, राजनारायण बिंद लल्ली आदि का रिहायशी घर जलजमाव से गिर जाने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। सींकीचौरा निवासी शारदा प्रसाद बिंद का कच्चा मकान गिर गया। पीड़ित परिवारों ने नुकसान के भरपाई की मांग शासन-प्रशासन से की है।
प्रदर्शन कर जलनिकासी की मांग
ज्ञानपुर। विकास खंड स्थित सिंहपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन कर जलजमाव से निजात दिलाने की मांग जिलाधिकारी से की। आरोप लगाया कि गांव में पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण तीन दिन तक हुई भारी बारिश से पूरा गांव जलमग्न हो गया है। उधर जगापुर गांव समेत एक दर्जन अन्य गांवों में भारी जलजमाव के कारण ज्ञानपुर नहर को काटकर पानी निकालने की जुगत होती रही।