भदोही में सपा विधायक के समर्पण के बाद अधिवक्ताओं का पुलिस के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला, अधिवक्ताओं ने मार्च निकालकर खाकी का विरोध किया और आरोप लगाया कि जिस दौरान विधायक का समर्पण हो रहा था उस दौरान पुलिसवालों ने अधिवक्ताओं से भी बदसलूकी की। विरोध के स्वर बुलंद होते देख पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर मामले को शांत किया। अधिवक्ताओं ने हिदायत दी कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
भदोही विधायक के आत्मसमर्पण के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कोर्ट में सरेंडर के बाद विधायक को जेल भेज दिया गया लेकिन अधिवक्ता आक्रोशित होते दिखाई दिए। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया और प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता शामिल हुए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
साथ ही बैठक कर प्रस्ताव पारित किया गया कि 20 सितंबर को कोई एडवर्स आर्डर न जारी किया जाए। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी और महासचिव सुरजीत सिंह के नेतृत्व में जुटे अधिवक्ताओ ने आरोप लगाया कि विधायक के आत्मसमर्पण के दौरान परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की ओर से अधिवक्ताओ के साथ मारपीट करने के साथ अभद्रता की गई, जो पूरी तरह से निंदनीय है। हालांकि पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत के बाद मामला शांत है लेकिन अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।